मानवतावाद का उथान
आज मानव अपनी सबसे बड़ी प्रगति विज्ञान को मांगता है वह सोचता है कि मैंने इस दुनिया में सब कुछ पा लिया है वह विज्ञान के जरिए ऐसे आधुनिक साधन बना रहा है जिसके द्वारा मानव एक स्थान से दूसरे स्थान पर बहुत ही कम समय में पहुंच सकता है और उसने ऐसे भी चीजों का अविष्कार किया है जिसके जरिए अपने विचारों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जा सकता है
आज के युग में मानव रोबोट जैसी मशीनें बना रहा है तथा सोचता है कि आने वाले युग में इन रोबोट का इंसानों की जगह सभी कार्य कर सकता है जिसके द्वारा इंसानों को कोई भी कार्य करने में कठिनाई नहीं होगी क्योंकि उनके सभी कार्य मशीनों द्वारा हो जाया करेंगा।
वर्तमान समय में मानव ऐसे हथियारों का अविष्कार किया है। जरिए बहुत ही जन और धन की हानि होगी इनमें सबसे प्रमुख में जैविक परमाणु बना रहा है जिससे एक पीढ़ी ही नहीं अनेकों पीढ़ी प्रभावित होगी।
मनुष्य ने चांद ,मंगल ग्रह तक अपनी पहुंच बना ली है। परंतु इससे कोई लाभ नहीं है
हमें परमात्मा की खोज करनी चाहिए।परमात्मा प्राप्ति के लिए हमें दिलचस्पी रखनी चाहिए।
परमात्मा ही हमें इस भवसागर से पार लगाएगा।
आज मानव अपनी सबसे बड़ी प्रगति विज्ञान को मांगता है वह सोचता है कि मैंने इस दुनिया में सब कुछ पा लिया है वह विज्ञान के जरिए ऐसे आधुनिक साधन बना रहा है जिसके द्वारा मानव एक स्थान से दूसरे स्थान पर बहुत ही कम समय में पहुंच सकता है और उसने ऐसे भी चीजों का अविष्कार किया है जिसके जरिए अपने विचारों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जा सकता है
आज के युग में मानव रोबोट जैसी मशीनें बना रहा है तथा सोचता है कि आने वाले युग में इन रोबोट का इंसानों की जगह सभी कार्य कर सकता है जिसके द्वारा इंसानों को कोई भी कार्य करने में कठिनाई नहीं होगी क्योंकि उनके सभी कार्य मशीनों द्वारा हो जाया करेंगा।
वर्तमान समय में मानव ऐसे हथियारों का अविष्कार किया है। जरिए बहुत ही जन और धन की हानि होगी इनमें सबसे प्रमुख में जैविक परमाणु बना रहा है जिससे एक पीढ़ी ही नहीं अनेकों पीढ़ी प्रभावित होगी।
मनुष्य ने चांद ,मंगल ग्रह तक अपनी पहुंच बना ली है। परंतु इससे कोई लाभ नहीं है
हमें परमात्मा की खोज करनी चाहिए।परमात्मा प्राप्ति के लिए हमें दिलचस्पी रखनी चाहिए।
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