पूर्ण परमात्मा
हमारे हिंदू धर्म में जितने भी वेद, गीता पु,इत्यादि है उन से प्रमाणित होता है कि पूर्ण परमात्मा एक है, वह कौन है ,उसका नाम क्या है और उसकी सत्य भगति कैसी है
Hamare vedo Se pramanit hota hai ki hamara Parmatma purn Braham Kabir Sahib h
Parmatma Kabir Saheb ji . atharvved mein praman milta hai
Atharvaved kand 4 anuvad 1 Mantra 7
Mein praman hai ki ki Parmatma Kabir Saheb hai.
हमारे वेद बताते हैं कि जो संत संसार रूपी वृक्ष का जड़ से लेकर पत्तों तक। पूरा ज्ञान देता हूं वही संत पूर्ण संत कहलाता है।
पहले हम इस तरह भक्ति करते थे।
और अब हमें इस तरह भक्ति करनी है जो पूर्ण संत हमें बताइएगा।
आज वर्तमान समय में पूर्ण संत जगत गुरु संत रामपाल जी महाराज है जो वेदों के अनुसार सत भक्ति बताते हैं और इस जन्म मरण के चक्कर से छोटू आते हैं।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि हमारा पूर्ण परमात्मा कबीर देव है जो वेद भी गवाही देते हैं कि वह परमात्मा कबीर साहिब है जो सर्व सृष्टि के रचनाकार है।
अधिक जानकारी के लिए रोजाना सुने सत्संग साधना टीवी पर शाम 7:30 बजे।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक 'ज्ञानगंगा 'अवश्य पढ़े।
हमारे हिंदू धर्म में जितने भी वेद, गीता पु,इत्यादि है उन से प्रमाणित होता है कि पूर्ण परमात्मा एक है, वह कौन है ,उसका नाम क्या है और उसकी सत्य भगति कैसी है
Hamare vedo Se pramanit hota hai ki hamara Parmatma purn Braham Kabir Sahib h
Parmatma Kabir Saheb ji . atharvved mein praman milta hai
Atharvaved kand 4 anuvad 1 Mantra 7
Mein praman hai ki ki Parmatma Kabir Saheb hai.
हमारे वेद बताते हैं कि जो संत संसार रूपी वृक्ष का जड़ से लेकर पत्तों तक। पूरा ज्ञान देता हूं वही संत पूर्ण संत कहलाता है।
पहले हम इस तरह भक्ति करते थे।
और अब हमें इस तरह भक्ति करनी है जो पूर्ण संत हमें बताइएगा।
आज वर्तमान समय में पूर्ण संत जगत गुरु संत रामपाल जी महाराज है जो वेदों के अनुसार सत भक्ति बताते हैं और इस जन्म मरण के चक्कर से छोटू आते हैं।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज बताते हैं कि हमारा पूर्ण परमात्मा कबीर देव है जो वेद भी गवाही देते हैं कि वह परमात्मा कबीर साहिब है जो सर्व सृष्टि के रचनाकार है।
अधिक जानकारी के लिए रोजाना सुने सत्संग साधना टीवी पर शाम 7:30 बजे।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पुस्तक 'ज्ञानगंगा 'अवश्य पढ़े।





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